आगरा: आगरा के डौकी क्षेत्र में स्कूली बस के टूटे फर्श से गिरकर 9 वर्षीय मासूम छात्रा नैना की मौत के मामले में शासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने के आरोप में आगरा में तैनात चार यात्री-मालकर अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर गिरी गाज
निलंबित किए गए अधिकारियों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं नीलम,अमित वर्मा,शारदा मिश्रा, शिव कुमार मिश्रा इसके साथ ही, सहायक संभागीय प्रवर्तन अधिकारी आगरा को भी निलंबित करने की संस्तुति शासन से की गई है
RBS स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश
मामले की जांच में सामने आया कि आरबीएस हायर सेकेंडरी स्कूल के पास केवल कक्षा 6 से 10 तक की मान्यता थी लेकिन वहां नियमों को ताक पर रखकर नर्सरी से कक्षा 11 तक की कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। इस गंभीर उल्लंघन को देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक ने विद्यालय की मान्यता रद्द करने की संस्तुति शासन को भेज दी है।
क्या थी पूरी घटना?
यह हृदयविदारक घटना 11 मार्च को दोपहर करीब 2:30 बजे हुई थी। आरबीएस स्कूल की बस बच्चों को लेकर घर छोड़़ने जा रही थी। एत्मादपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस बस के फर्श में छेद था, जिससे मासूम नैना अचानक नीचे गिर गई और बस के पिछले टायर की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
जांच में खुली विभाग की पोल
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर हुई जांच में पाया गया कि जिस बस से दुर्घटना हुई, उसकी तकनीकी स्थिति बेहद खराब थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आगरा के प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा इस खटारा बस के विरुद्ध पहले कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। परिवहन मंत्री के निर्देश पर उप परिवहन आयुक्त संजय सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो एक महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। फिलहाल निलंबित अधिकारी मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे।
रिपोर्ट – नवीन गोस्वामी

